उपखंड क्षेत्र के सभी हनुमान मंदिरों श्रद्धा पूर्वक मनाया गया हनुमान जन्मोत्सव पूर्व संध्या पर हनुमान चौक में हुआ 251 आसनों पर आयोजित किया गया संगीतमय सुन्दर काण्ड पाठ प्राचीन घासी वाले बालाजी मंदिर की ओर से निकाली गई शोभा यात्रा
श्री बामणियां बालाजी धाम मन्दिर पर मनाया हनुमान जन्मोत्सव, लगाई 56 भोग

नसीराबाद ( योगेन्द्र बुलचन्दानी)नसीराबाद क्षेत्र के प्राचीन हनुमान मंदिर घासी वाले बालाजी मंदिर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और शाम को शोभा यात्रा निकाली गई वहीं ग्रामीण क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल श्री बामणियां बालाजी धाम मन्दिर पर शनिवार को श्री हनुमान जन्मोत्सव बड़े हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया गया। घासी वाले बालाजी मंदिर के पुजारी दिलीप शर्मा और मोहन शर्मा ने बताया कि हनुमान जन्मोत्सव पर सुबह से रात तक अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए सुबह बालाजी का अभिषेक अजमेर से आए पण्डित यज्ञ दत्त शर्मा द्वारा संपन्न करवाया गया और दोपहर में 12 बजे महा आरती हुई प्रसाद वितरित किया गया। शाम को 5 बजे फ्राम जी चौक स्थित डिग्गी वाले बाला जी मन्दिर से शोभायात्रा निकाली गई जो घासी वाले बाला जी मन्दिर पहुंच कर सम्पन्न हुई रास्ते में हनुमान चौक पर मंदिर पर सामूहिक की गई आरती भर शोभायात्रा का स्वागत नगर वासियों द्वारा पुष्प वर्षा और पेय व खाद्य पदार्थों से किया गया मंदिर में महा आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ इस अवसर पर सीटी थाना प्रभारी हुकम गिरी के नेतृत्व में पुलिस की माकूल इंतजाम रहे जिसके चलते हनुमान जन्मोत्सव के कार्यक्रम व्यवस्थित ढंग से पूर्ण हो गए

पुजारी सत्यप्रकाश वैष्णव ने बताया इस अवसर पर बालाजी महाराज का अभिषेक कर विशेष चोला चढ़ाकर, फुलों से श्रृंगार किया गया वह मन्दिर को फुलों से सजाया । इसके पश्चात सुबह संगीत मय सुन्दरकांण्ड का पाठ हुआ , दिन में 12 बजे बालाजी महाराज की सामुहिक महाआरती के पश्चात विशेष मावे का केक काटकर बालाजी महाराज का जन्मोत्सव मनाया । वह 56 भोग की झांकी सजाई । इसके पश्चात भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। ज्ञात है कि, श्री बामणियां बालाजी धाम मन्दिर में स्थापित बालाजी महाराज की मूर्ति बड़ी चमत्कारी एवं भक्तों के कारज सिद्ब करने वाली है । यहां हर मंगलवार व शनिवार को सुबह से रात्रि तक दर्शनार्थियों की भीड़ लगी रहती है। साथ ही मन्दिर में चैत्र नवरात्रि से हनुमान जन्मोत्सव तक चल रहे अखण्ड रामायण पाठ का समापन हवन यज्ञ के साथ किया गया। हनुमान जन्मोत्सव होने के साथ व शनिवार होने से बालाजी के दर्शानार्थीयो की दिन भर अपार भीड़ रही ।
