भारत भूमि (सम्पादक – प्रदीप टिक्यानी)
पुष्कर, अजमेर – A.A. Intergroup Rajasthan द्वारा आयोजित “Pushkar Ajmer Convention Season-II” का आज भंवर सिंह पैलेस, पुष्कर में सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह चार दिवसीय अधिवेशन (21 से 24 अगस्त 2025) “सेवा, एकता और उत्तरदायित्व (Service, Unity & Responsibility)” की थीम पर आधारित रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ Serenity Prayer एवं साहित्य वाचन से हुआ। मुख्य अतिथि जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी केसरी नंदन शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर अधिवेशन का उद्घाटन किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि “शराबीपन कोई आदत नहीं बल्कि बीमारी है, और इससे बाहर निकलने में ए.ए. समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है।” उन्होंने आगे कहा कि “सरकार द्वारा शराबबंदी व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, किंतु ए.ए. द्वारा फैलाई जा रही जागरूकता ही एकमात्र रास्ता है जिससे व्यक्ति पुनः समाज की मुख्य धारा में लौट सकता है।”
चार दिनों तक चले इस अधिवेशन में मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्ति, पुनर्वास एवं युवाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विविध सत्र आयोजित किए गए।
मुख्य वक्ताओं में –
डॉ. अशिष देशपांडे (कंसल्टेंट साइकियाट्रिस्ट) मुम्बई
डॉ. हर्ष उदावत (गैस्ट्रोएन्टरोलॉजिस्ट)जयपुर,
डॉ. (रिटा. लेफ्टिनेंट कर्नल) एच. के. बेदी (साइकियाट्रिस्ट)चंडीगढ़
डॉ. मनस्वी गौतम (साइकियाट्रिस्ट जयपुर)
ने अपने विचार रखे और प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया।
समापन सत्र में डाॅ. हर्ष उदावत (जयपुर) ने शराब के लीवर पर दुष्प्रभाव पर प्रकाश डाला और कहा कि “दवाइयाँ शराब की शारीरिक लत को नियंत्रित कर सकती हैं, मगर मस्तिष्क में बैठे शराब के विचार केवल ए.ए. कार्यक्रम ही मिटा सकता है और व्यक्ति को पुनः पीने से बचा सकता है।” उन्होंने बताया कि वे पिछले 13 वर्षों से ए.ए. कार्यक्रम से जुड़े हैं और इसके माध्यम से हजारों रोगियों को नया जीवन मिला है। डाॅ. उदावत ने ए.ए. हेल्पलाइन 8769172350 की महत्ता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि यह सेवा समाज में जीवन बचाने का महान कार्य कर रही है।
इस अवसर पर देश-विदेश से आए अनेक सुधरे हुए शराबियों ने अपने अनुभव साझा किए और ए.ए. के 12 कदम एवं 12 परंपराओं की महत्ता पर प्रकाश डाला। फिलिपींस से आए एक सदस्य मिस्टर डेविड ने कहा कि उन्हें भारत आकर बहुत अच्छा लगा यहाँ एए के कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें महसूस हुआ कि यह कार्यक्रम विश्व के हर कोने में फैला हुआ है।
अजमेर, जयपुर, दिल्ली, मुंबई, गोवा,सुरत , चेन्नई, पंजाब, हैदराबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, आगरा,प्रयाग राज, अम्बेडकर नगर, कुरुक्षेत्र, अंबाला, छत्रपति संभाजी नगर, बीजापुर, कोटपुतली, श्रीगंगानगर, नीमराना कोटा जोधपुर सहित कई शहरों से आए सदस्यों ने सेवा, एकता और जिम्मेदारी की भावना को आत्मसात करने का आह्वान किया।
आयोजकों ने सभी अतिथियों, सदस्यों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अधिवेशन एक “सफल, प्रेरणादायी और ऐतिहासिक आयोजन” रहा। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2027 में सीजन-III का आयोजन होगा और तब तक राजस्थान के प्रत्येक शहर में ए.ए. मीटिंग्स का विस्तार कर हर पीड़ित शराबी के घर तक यह संदेश पहुँचाया जाएगा कि “शराबीपन एक बीमारी है और इसका बचाव संभव है।”
