Logo
ब्रेकिंग
अजमेर उत्तर को मिली बड़ी सौगात 7.11 करोड़ लागत से चामुंडा तिराहे से वरूण सागर गेट तक बनेगी सड़क, विधानस... संत हाथीराम धाम में श्रद्धा एवं भक्तिभाव से मनाई गई भगतयाणी लाजवंती देवी जी की 11वीं पुण्यतिथि प्रधानमंत्री जल स्वावलंबन जन अभियान 3.0 का त्रिदिवसीय अभियान संपन्न, आनासागर संरक्षण के लिए सामाजिक,... विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की तीन दिवसीय जनसुनवाई में उमड़ी भारी भीड़, त्वरित समाधान के निर्दे... जेएलएन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने गौ-सेवा कर मनाया अपना जन्मदिन चांद बावड़ी स्थित झूलेलाल भवन में प्रेम प्रकाश आश्रम के संतों के सानिध्य में सर्व समाज सेवा संस्थान ... अब अजमेर भी सैनिक स्कूलों के नक्शे पर, देशभर में नई पहचान बनेगी- देवनानी, विधानसभा अध्यक्ष ने किया ब... मानसून से पहले एक्शन मोड में अजमेर नगर निगम, वासुदेव देवनानी ने किया 80 लाख के हाई-टेक पम्पों का लोक... आनासागर की दुर्दशा पर कांग्रेस का हल्ला बोल: जनता के स्वास्थ्य के लिए 24 जुलाई को 'अजमेर बंद' का ऐला... अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विद्यालय शिक्षा जिला अजमेर की साधारण सभा की बैठक 19 को

पुष्कर दिव्या महाआरती पाँच मंचों से भव्य रूप में संपन्न, संत सानिध्य में राष्ट्रीय कार्यकारिणी का स्वागत

भारत भूमि (सम्पादक – प्रदीप टिक्यानी) अजमेर : पोस्टमा की पूर्णिमा के अवसर पर पुष्कर दिव्या महाआरती का आयोजन पाँच मंचों से श्रद्धा और भव्यता के साथ संपन्न हुआ, जिसमें संत सानिध्य में प्रखर जी महाराज का स्वागत किया गया तथा अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों का पुष्पहार से अभिनंदन किया गया। संघ के संरक्षक एवं पूर्व न्यायाधीश अजय शर्मा ने बताया कि महाआरती की शुरुआत राष्ट्रीय कार्यकारिणी के स्वागत के साथ की गई। पाँचों मंचों पर आरती का संपादन पंडित चंद्रशेखर गोद, यज्ञ नारायण गोद, ईशान गोद सहित अन्य आचार्यों द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार के साथ किया गया, आचार्य पंडित कैलाश नाथ दाधीच का सानिध्य रहा तथा उपाचार्य की भूमिका रविशंकर गोधरा ने निभाई। कार्यक्रम में डॉ. कुलदीप शर्मा, देवेंद्र त्रिपाठी, डॉ. रश्मि शर्मा, अशोक इंजीनियर, अशोक शर्मा, इंदर सिंह पवार, तरुण वर्मा, अर्पित सांखला, एडवोकेट भगवान सिंह चौहान, श्रीमती गायत्री शर्मा, एडवोकेट विपुल, साक्षी शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिससे आयोजन ने पुष्कर की आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं।

उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा।