चांद बावड़ी स्थित झूलेलाल भवन में सिंधी शिक्षकों का भव्य सम्मान: महंत स्वरूप दास जी ने बताया शिक्षा को महादान
भारत भूमि (अजमेर) – चांद बावड़ी स्थित झूलेलाल भवन में सर्व समाज सेवा संस्थान द्वारा आयोजित भव्य समारोह में सिंधी शिक्षकों को शाल, मोमेंटो व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ईश्वर मनोहर उदासीन आश्रम के महंत स्वरूप दास जी महाराज ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा का दान ही महादान है, जिससे समाज संस्कारवान बनता है और शिक्षक राष्ट्र सेवा की भावना के मूल प्रेरणा स्रोत हैं। कार्यक्रम संयोजक घनश्याम ठारवानी भगत के संयोजन में आयोजित इस समारोह में अजमेर कलाकार एकता समिति के प्रतिभाशाली बच्चों को पठन-पाठन सामग्री वितरित की गई, स्वामी सर्वानंद विद्यालय के बच्चों ने देशभक्ति नृत्य प्रस्तुत किया, परी मगनानी ने मधुर गीत गाया तथा सिंधी शिक्षा विकास समिति के अध्यक्ष अशोक मंगलानी ने राष्ट्र निर्माण पर कविता प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान लोकपाल महानरेगा सुरेश सिंधी का उद्बोधन रहा, तो वहीं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य कांता मथुरानी व मधु देवजानी ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान हरि सुंदर बालिका विद्यालय के व्याख्याता जय किशन गुरबाणी, केंद्रीय बालिका विद्यालय की व्याख्याता नीतू ठारवानी, संत कंवर राम स्कूल के भारत जैसवानी, राजकीय उमावि फतेह टीबा के मनोज कुमार चंदानी तथा राजकीय उमावि सिंधी दिल्ली गेट की पुष्पा निहलानी को सम्मानित किया गया। प्रवासी भारतीय जयप्रकाश टीकम दास पहलजानी के विशेष सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में भावी योजनाओं के तहत सिंधी कला, साहित्य व संस्कृति के संवर्धन के लिए राज्य स्तरीय सिंधी शिक्षक सम्मेलन आयोजित करने पर विचार-विमर्श किया गया, जिसके पश्चात् राजकीय अल्प भाषाई शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान की व्याख्याता लता ने धन्यवाद ज्ञापित किया और उपस्थित अतिथियों ने सिंधी व्यंजनों का रसास्वादन किया, जिसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
