अजमेर संभाग के 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को मिला दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण, मिलावट पर सख्ती के निर्देश
भारत भूमि (सम्पादक – प्रदीप टिक्यानी) अजमेर : प्रदेश में आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने तथा खाद्य मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषध नियंत्रक विभाग के आयुक्त के निर्देशानुसार अजमेर संभाग के जिलों अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, ब्यावर एवं डीडवाना-कुचामन के नवनियुक्त 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण संभागीय जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रयोगशाला प्रभारी एवं खाद्य विश्लेषक श्रीमती प्रियंका सोनी ने खाद्य नमूनों की जांच के मानक, रिपोर्टिंग प्रक्रिया तथा एफएसएसएआई मानकों के अनुसार सैंपल लेने की विधि की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नमूनीकरण के दिन अथवा अगले दिन ही नमूनों को प्रयोगशाला में जमा कराना आवश्यक है ताकि समय पर जांच हो सके, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की सभी खाद्य सुरक्षा प्रयोगशालाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित हैं। अधिकारियों को अमानक सैंपलों की श्रेणियों सबस्टैंडर्ड, अनसेफ, मिसब्रांड एवं एक्सट्रेनियस मैटर की जानकारी दी गई। प्रयोगशाला के डॉ. दिलीप सिंह राठौड़ ने सैंपल जमा प्रक्रिया, एनएबीएल मानकों के अनुसार जांच प्रणाली, क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम, इंटरनल व एक्सटर्नल क्वालिटी कंट्रोल की जानकारी देते हुए बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से मानव स्वास्थ्य गंभीर खतरे में पड़ता है, इसी कारण राज्य सरकार इस विषय में अत्यंत संवेदनशील है और मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रशिक्षण में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में मौके पर की जाने वाली जांच की जानकारी भी दी गई, वहीं उत्कर्ष कुमावत, आषुतोष टांक, प्रियंका पारिक, निशा वर्मा, सौम्या सोनी एवं विक्रम सिंह सहित तकनीकी स्टाफ द्वारा हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के जरिए खाद्य नमूनों में मिलावट की ऑन-स्पॉट जांच का अभ्यास कराया गया, ताकि फील्ड में अधिकारी प्राथमिक स्तर पर ही मिलावट का पता लगा सकें।
