Logo
ब्रेकिंग
धूमधाम से संपन्न हुआ बाबा नारंग देव साहब का तीन दिवसीय मेला महोत्सव, उमड़ा सिंधी समाज वार्ड नं एक से कांग्रेसी उम्मीदवार अमरीन कुरैशी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ अपने वार्ड... चांद बावड़ी स्थित झूलेलाल भवन में सिंधी शिक्षकों का भव्य सम्मान: महंत स्वरूप दास जी ने बताया शिक्षा ... महेश्वरी पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस, विजयलक्ष्मी 'आदर्श शिक्षक सम्मान' से सम्म... जन सेवा ही मेरी प्राथमिकता रहेगी क्षेत्र की किसी समस्या से मै अनभिज्ञ नहीं हूं — राजेश कुमार शर्मा ... भाजपा प्रत्याशी निर्मल संजय यादव के चुनावी कार्यालय का हुआ उद्घाटन नसीराबाद में जन्माष्टमी पर्व से पहले आयोजित की गई दही हांडी फोड़ो प्रतियोगिता उड़ान स्पेशल चिल्ड्रन स्कूल में हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव नगरपालिका नसीराबाद में निर्वाचन के मद्देनजर आज रिटर्निंग अधिकारी, कल्पित शिवरान ने किया विभिन्न मतदा... खटीक मोहल्ले की रोड पर रात्रि में की गई बोरिंग पर छावनी परिषद द्वारा की गई कार्रवाई, बोरिंग मशीन व प...

अजमेर संभाग के 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को मिला दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण, मिलावट पर सख्ती के निर्देश

भारत भूमि (सम्पादक – प्रदीप टिक्यानी) अजमेर : प्रदेश में आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने तथा खाद्य मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषध नियंत्रक विभाग के आयुक्त के निर्देशानुसार अजमेर संभाग के जिलों अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, ब्यावर एवं डीडवाना-कुचामन के नवनियुक्त 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण संभागीय जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रयोगशाला प्रभारी एवं खाद्य विश्लेषक श्रीमती प्रियंका सोनी ने खाद्य नमूनों की जांच के मानक, रिपोर्टिंग प्रक्रिया तथा एफएसएसएआई मानकों के अनुसार सैंपल लेने की विधि की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नमूनीकरण के दिन अथवा अगले दिन ही नमूनों को प्रयोगशाला में जमा कराना आवश्यक है ताकि समय पर जांच हो सके, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की सभी खाद्य सुरक्षा प्रयोगशालाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित हैं। अधिकारियों को अमानक सैंपलों की श्रेणियों सबस्टैंडर्ड, अनसेफ, मिसब्रांड एवं एक्सट्रेनियस मैटर की जानकारी दी गई। प्रयोगशाला के डॉ. दिलीप सिंह राठौड़ ने सैंपल जमा प्रक्रिया, एनएबीएल मानकों के अनुसार जांच प्रणाली, क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम, इंटरनल व एक्सटर्नल क्वालिटी कंट्रोल की जानकारी देते हुए बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से मानव स्वास्थ्य गंभीर खतरे में पड़ता है, इसी कारण राज्य सरकार इस विषय में अत्यंत संवेदनशील है और मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रशिक्षण में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में मौके पर की जाने वाली जांच की जानकारी भी दी गई, वहीं उत्कर्ष कुमावत, आषुतोष टांक, प्रियंका पारिक, निशा वर्मा, सौम्या सोनी एवं विक्रम सिंह सहित तकनीकी स्टाफ द्वारा हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के जरिए खाद्य नमूनों में मिलावट की ऑन-स्पॉट जांच का अभ्यास कराया गया, ताकि फील्ड में अधिकारी प्राथमिक स्तर पर ही मिलावट का पता लगा सकें।

उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा।