राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सिंधी देहली गेट, कोटड़ा में सिंधी भाषा दिवस और महात्मा फुले जयंती का संगम, विधिक साक्षरता से बच्चों को किया सजग
अजमेर (भारत भूमि) – राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सिंधी देहली गेट, कोटड़ा में सिंधी भाषा दिवस, विधिक साक्षरता शिविर और महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती का त्रिवेणी संगम हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए व्याख्याता घनश्याम ठारवानी ने ऐतिहासिक जानकारी साझा की कि 10 अप्रैल 1967 को सिंधी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था और इसी गौरवशाली कड़ी में 10 अप्रैल 2026 को भारत के उपराष्ट्रपति व कानून मंत्री द्वारा भारतीय संविधान के सिंधी देवनागरी लिपि संस्करण का विमोचन किया जा रहा है, जो समाज के लिए गर्व का विषय है।
इसी क्रम में प्रेम प्रकाश मंडल के संत रामप्रकाश ने अपने प्रेरक प्रवचन में शिक्षक और शिक्षार्थी के संबंध को भगवान व भक्त की संज्ञा देते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रभक्ति और नैतिक मूल्यों के प्रति प्रेरित किया। विधिक साक्षरता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूरन सिंह मीणा ने बच्चों को वर्तमान दौर की बड़ी चुनौती साइबर क्राइम, साइबर बुलिंग और इंटरनेट के दुरुपयोग के प्रति आगाह करते हुए सतर्कता और सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपाय सिखाए।
महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के पूर्व दिवस पर विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और उनके जीवन दर्शन से सभी को अवगत कराया। इस अवसर पर विद्यालय में नव प्रवेशी बच्चों का माला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। प्रधानाचार्य स्नेह लता पारिक ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया, वहीं कार्यक्रम का सफल संचालन मीना शर्मा द्वारा किया गया। इस गौरवमयी आयोजन में भारती टिलवानी, हशु आसवानी, विष्णु कुमार छिपा, खुशबू यादव, अजीत सिंह राठौड़ सहित समस्त विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम का समापन सामूहिक राष्ट्रगान और बच्चों को अल्पाहार वितरण के साथ हुआ।
