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​भारत भूमि (अजमेर) – अजमेर से एक दिल छू लेने वाली पहल सामने आई है, जहाँ कार्तिक शर्मा रोजाना नन्हीं गौरैयों के लिए दाना-पानी रखकर एक मिसाल कायम कर रहे हैं। आज जब तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण, मोबाइल टावरों के रेडिएशन और घटते पेड़-पौधों के कारण गौरैयों की संख्या लगातार कम हो रही है, ऐसे समय में कार्तिक शर्मा जैसे लोग उम्मीद की किरण बनकर सामने आ रहे हैं। जहाँ लोग अपनी व्यस्त जिंदगी में प्रकृति से विमुख होते जा रहे हैं, वहीं कार्तिक ने अपनी छत और बालकनी को इन पक्षियों का सुरक्षित ठिकाना बना दिया है।​हर सुबह और शाम वे नियमित रूप से दाना और साफ पानी रखते हैं। उनकी इस छोटी सी कोशिश ने आसपास की गौरैयों को फिर से लौटने पर मजबूर कर दिया है। अब उनके घर के आंगन में वह चहचहाहट फिर से गूंजने लगी है, जो कभी लगभग लुप्त हो चुकी थी। कार्तिक का कहना है कि, “अगर हर व्यक्ति अपने घर के बाहर थोड़ा सा दाना-पानी रख दे, तो हम सब मिलकर गौरैया को फिर से अपने परिवेश में वापस ला सकते हैं।”

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