बदले की राजनीति करने के बजाय एलिवेटेड रोड के भ्रष्टाचार की कराए ज्यूडिशियल इंक्वायरी और दोषियों को भेजे जेल, पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने शहर की बदहाली को लेकर भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों पर किया तीखा प्रहार और खड़े किए सवाल
अजमेर (भारत भूमि)– तोपदड़ा क्षेत्र स्थित गढ़वाल पैलेस में शनिवार को नारी न्याय सम्मेलन एवं शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी बुंदेल के पदभार ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस महिला न्याय सम्मेलन व नव नियुक्त शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मी बुंदेल के पदभार ग्रहण समारोह में महिला कांग्रेस व कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी निभाई।
समारोह में राजस्थान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की । कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष और दक्षिण विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी द्रौपदी कोली, लोकसभा अजमेर से कांग्रेस प्रत्याशी रामचंद्र चौधरी, किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी, अजमेर उत्तर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे महेंद्र सिंह रलावता, प्रदेश सचिव कैलाश झालीवाल सहित वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार, केंद्र, राज्य और नगर निगम पर तीखा हमला किया।
पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने अजमेर एलिवेटेड रोड (रामसेतु ) सहित शहर के ज्वलंत मुद्दों को लेकर ट्रिपल इंजन की सरकार पर जमकर निशाना साधते कहा कि एलिवेटेड रोड (रामसेतु) केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना में करीब 250 करोड़ रुपए की लागत से बनी है, उस समय जो नक्शा बनाया गया था, तब उस पर अजमेर उतर से विधायक वासुदेव देवनानी व अजमेर दक्षिण की विधायक अनीता भदेल के हस्ताक्षर है । नगर निगम भाजपा की देखरेख में निर्माण हुआ, जो अब बेतुकी बयान बाजी कर जनता को गुमराह कर पल्ला झाड़ रहे है। उनको अब बिना संकोच के अजमेर की जनता से माफी मांगकर आगे अजमेर के विकास का मॉडल बनाकर दिखाना चाहिए। ऐसा नहीं चलेगा कि मीठा मीठा गप्प और कड़वा कड़वा थू। आप इतने बड़े पद पर अजमेर की जनता के आशीर्वाद से पहुंचे हो तो अब बदले की राजनीति करना बंद कीजिए , विधानसभा अध्यक्ष की गरिमा के अनुकूल आचरण कीजिए । अगर कांग्रेस पार्टी एलिवेटेड पुलिया ,सेवन वंडर या फिर किसी भी कार्य में दोषी है तो बेफिक्र होकर जांच कीजिए। ,भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों में डालिए कौन रोक रहा है । हमारा तो स्पष्ट कहना है कि इन सब प्रकरणों में ज्यूडिशियल इंक्वायरी करवाइए ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो सके । अब एक दूसरे पर छींटाकशी दोषारोपण बंद होना चाहिए । उन्होंने कहा कि जनता ने तीनों स्तरों पर भाजपा को मौका दिया, लेकिन बदले में मिला सिर्फ बदहाली, टूटी सड़कें, गंदगी और बेरोजगारी। शहर की बुनियादी सुविधाएँ दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही हैं। सीवरेज और ड्रेनेज व्यवस्था की हालत यह है कि हर वर्ष बारिश में शहर जलमग्न हो जाता है। वर्षों से अधूरे ड्रेनेज प्रोजेक्ट्स या तो बंद पड़े हैं, या फिर बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं। टूटी-फूटी सड़कों और ट्रैफिक जाम से आम आदमी त्रस्त है। स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार गिरती रैंकिंग अजमेर की स्थिति को उजागर करती है।
राठौड़ ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जेएलएन अस्पताल जैसे प्रमुख सरकारी संस्थान में न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही आवश्यक उपकरण ठीक स्थिति में हैं। मरीजों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना, उज्ज्वला योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाएँ जमीनी स्तर पर बेहद कमजोर क्रियान्वयन के कारण जनता तक प्रभावी रूप से नहीं पहुंच पा रही हैं।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी स्थिति चिंताजनक है। इसी प्रकार सामाजिक न्याय के मोर्चे पर भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। दलित, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के साथ हो रहे भेदभाव और अन्याय की घटनाएँ चिंताजनक हैं और सरकार इन पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा कि अजमेर एक ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पर्यटन शहर है, लेकिन इसके मुख्य पर्यटन स्थल आनासागर झील और ख्वाजा साहब दरगाह क्षेत्र उपेक्षा का शिकार हैं। दरगाह क्षेत्र में ट्रैफिक, भीड़ और गंदगी की समस्याएँ श्रद्धालुओं को प्रतिदिन झेलनी पड़ती हैं, जिससे अजमेर की छवि पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। राठौड़ ने युवाओं के हित का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रोजगार के अवसरों की बात करें तो अजमेर में न तो कोई मज़बूत औद्योगिक क्षेत्र है और न ही कोई स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित हो पाया है। हज़ारों युवाओं को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे यहां की स्थानीय प्रतिभा का नुकसान हो रहा है। पूर्व आरटीडीसी धर्मेन्द्र राठौड़ ने इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से सीधा सवाल किया कि जब पिछले 22 वर्षों से वे अजमेर से विधायक रहे हैं, मंत्री पद भी संभाला है और वर्तमान में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष हैं, तो शहर की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार कौन है? उन्होंने कहा कि अब बहानेबाज़ी और दोषारोपण की राजनीति नहीं चलेगी। यदि कांग्रेस शासन में कोई भ्रष्टाचार हुआ है तो ज्यूडिशियल इंक्वायरी करवाई जाए और दोषियों को जेल भेजा जाए, लेकिन जनता को गुमराह करना बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता ने डबल इंजन नहीं, ट्रिपल इंजन की सरकार बनाकर देखा, लेकिन सभी इंजन फेल हो गए हैं। आज जनता में भारी निराशा और आक्रोश है, जिसका जवाब वे आने वाले नगर निगम और पंचायत चुनावों में अवश्य देंगे। राठौड़ ने अजमेर पदभार ग्रहण समारोह के दौरान शहर महिला कांग्रेस की नव-नियुक्त अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी बुन्देल को बधाई दी और कहा कि पार्टी ने ईमानदार छवि की महिला अध्यक्ष बनाया। लक्ष्मी बुंदेल निश्चित तौर पर महिलाओं के अत्याचार के मुद्दे उठाकर उनको न्याय दिलाने और उनके अधिकारों की रक्षा और सुरक्षा के लिए पुरजोर से संघर्ष करेगी। महिला न्याय सम्मेलन व पदभार ग्रहण समारोह में महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका चौधरी, महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव मधु चौहान, ब्यावर महिला कांग्रेस अध्यक्ष ईशिका जैन, ब्लॉक अध्यक्ष शैलेन्द्र अग्रवाल, वाहिद मोहम्मद, लक्ष्मी धौलखड़िया, ममता चौहान, शहनाज आलम, इंद्रा सुनिया, रजनी कहार, पूर्व पार्षद सर्वेश पारीक व हेमंत जोधा, एडवोकेट विश्राम चौधरी, सम्राट ऊंटडा, मंडल अध्यक्ष गणेश चौहान राजा झांझरी, मनीष सेन, विजय नागौरा, दिनेश के शर्मा, दिलीप गढ़वाल, सुमित मित्तल, सोना धनवानी, हरिप्रसाद जाटव, प्रेम सिंह गौड़, आरिफ खान व विकास चौहान सहित अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
