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शिक्षा में नवाचार पर एम एल डी केकड़ी में दो दिवसीय वाक् पीठ संगोष्ठी का आयोजन, “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण का आधार”शत्रुघ्न गौतम

भारत भूमि (केकड़ी)– श्री मिश्रीलाल दुबे महिला शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय अजमेर रोड केकड़ी में “शैक्षणिक नवाचार एवं भविष्य की शिक्षा नीति” विषय पर दो दिवसीय वाक् पीठ संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन 25 से 26 जुलाई 2025 तक ब्लॉक केकड़ी (अजमेर) की शैक्षणिक संस्थाओं के समन्वय से किया गया, जिसमें क्षेत्र के प्रमुख शिक्षाविदों, प्रधानाचार्यों और नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि शत्रुघ्न गौतम विधायक केकड़ी, सचिव चंद्र प्रकाश दुबे, संरक्षक गोपी लाल कीर, संयोजक नरेंद्र कुमार पारीक, अध्यक्ष गोपी किशन वैष्णव, सचिव छीत्रमल नैनवाल, संस्थान निदेशक डॉ अविनाश दुबे अनिरुद्ध दुबे आदि अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम के अंतर्गत एम एल डी अकादमी केकड़ी के छात्र-छात्राओं द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आधारित नवाचारित शिक्षण सामग्री प्रदर्शनी का आयोजन किया गया विधायक शत्रुघ्न गौतम ने इस प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए छात्र-छात्राओं से मॉडलों की विशेषताओं एवं उनके भविष्य में उपयोग की जानकारी प्राप्त की तथा सभी छात्र-छात्राओं एवं मॉडलों की सराहना की। संस्थान द्वारा आए हुए अतिथियों का तिलक लगाकर माला एवं साफा पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया गया। इसी सम्मान के साथ एम एल डी की बालिकाओं द्वारा स्वागत गीत द्वारा अतिथियों का सत्कार किया गया। इस उपलक्ष पर केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए शिक्षा में तकनीकी एकीकरण और नैतिक मूल्यों के समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा, वर्तमान युग में रोबोटिक शिक्षण से आगे बढ़कर मानवीय संवेदनाओं को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना होगा । श्री मिश्रीलाल दुबे मेमोरियल संस्थान के सचिव *चंद्रप्रकाश दुबे* ने शैक्षणिक बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए संस्था की भविष्य की योजनाओं का खाका पेश किया। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कक्षाओं के विस्तार पर प्रकाश डाला। संयोजक *नरेंद्र कुमार पारीक* (प्रधानाचार्य, श्री मिश्रीलाल दुबे अकादमी केकड़ी) के नेतृत्व में सत्र में शामिल हुए प्रतिनिधियों ने “स्कूली शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका”, “व्यावसायिक प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम में समावेश” और “ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए संसाधन सुलभता” जैसे विषयों पर गहन चर्चा की । मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गोपी लाल कीर ने राजस्थान सरकार की “हरियालों राजस्थान” पहल के तहत पर्यावरण शिक्षा को पाठ्यक्रम से जोड़ने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने हाल ही में ढसूक में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए इसे व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ने पर बल दिया । अध्यक्ष गोपी किशन वैष्णव (प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भीमडावास) ने समापन टिप्पणी में सभी स्कूलों के लिए वार्षिक नवाचार प्रतियोगिता आयोजित करने का ऐलान किया। सचिव छीत्रमल नैनवाल (प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लल्लाई) ने प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस संगोष्ठी में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिसमे शिक्षक प्रशिक्षण के लिए मासिक वर्कशॉप आयोजित करना। ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए डिजिटल डिवाइड कम करने हेतु ऑनलाइन संसाधन केंद्र स्थापित करना। पर्यावरण जागरूकता को शैक्षणिक मूल्यांकन का हिस्सा बनाना है। इस संगोष्ठी के माध्यम से केकड़ी ब्लॉक ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत की है। विधायक गौतम ने अपने समापन भाषण में कहा कि *”आने वाले वर्षों में ऐसे आयोजनों को जिला स्तर तक विस्तारित किया जाएगा”*। शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच इस सहयोगात्मक प्रयास से ग्रामीण शिक्षा प्रणाली में गुणात्मक परिवर्तन की उम्मीद जगी है । कार्यक्रम का मंच संचालन प्रधानाचार्य राधेश्याम कुमावत देवनारायण बालिका आवासीय विद्यालय केकड़ी के द्वारा किया गया कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र का उच्चारण कर किया गया।

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