जानलेवा सड़क: नया शिवजी चौराहा, चाच्यावास रोड, सीकर रोड 200 फ़ीट पुष्कर बाईपास, प्रशासन की लापरवाही, गर्भवती महिलाओं के लिए दोहरी चुनौती, स्थानीय लोगों में रोष
अजमेर (भारत भूमि) – नया शिवजी चौराहा, चाच्यावास रोड, सीकर रोड 200 फ़ीट बाईपास पर सड़क की हालत बेहद खराब है। यहां गहरे और खतरनाक गड्ढे हर गुजरने वाले के लिए मुसीबत बन गए हैं। ये गड्ढे इतने बड़े हैं कि गाड़ी चलाना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, महीनों से सड़क की मरम्मत नहीं हुई है, जिससे यह समस्या और भी गंभीर हो गई है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि ये गड्ढे अक्सर लोगों की जान खतरे में डालते हैं। शाम के समय या बारिश के बाद, जब ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं, तो इन्हें देख पाना और भी मुश्किल हो जाता है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। कई छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो भी चुकी हैं, लेकिन प्रशासन अभी भी मौन है।
क्यों हैं ये गड्ढे खतरनाक?
दुर्घटना का खतरा: ये गड्ढे लोगों की जान खतरे में डालते हैं, खासकर शाम के समय और बारिश के बाद जब पानी से भरने के कारण इन्हें देख पाना मुश्किल हो जाता है। कई छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो भी चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है।
यातायात में रुकावट: गड्ढों के कारण अक्सर ट्रैफिक जाम लग जाता है, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी होती है।
वाहन को नुकसान: इन गड्ढों से वाहनों के टायर, सस्पेंशन और अन्य हिस्सों को गंभीर नुकसान पहुंचता है, जिससे मरम्मत का खर्च बढ़ जाता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए दोहरी चुनौती
इस चौराहे पर मौजूद गड्ढों से सबसे ज़्यादा खतरा गर्भवती महिलाओं को है, क्योंकि यह रास्ता जनाना अस्पताल के पास है। नियमित जांच के लिए अस्पताल जाते समय, गड्ढों से भरी इस सड़क पर गाड़ी में लगने वाले झटके उनके और उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए जोखिम भरे हो सकते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार झटके लगने से गर्भपात या समय से पहले प्रसव का खतरा बढ़ सकता है।
स्थानीय लोगों में रोष
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कई बार सड़क की मरम्मत की गुहार लगाई है, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। जनता में प्रशासन के प्रति भारी गुस्सा है और वे जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान चाहते हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन कब इस जानलेवा सड़क का संज्ञान लेगा।
