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अजमेर के पॉलीटेक्निक कॉलेज में अभिनव प्रयोग: मात्र 250 फीट जमीन पर ‘जिग-जैग’ पद्धति से उगेंगे 500 पौधे; विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने किया शुभारंभ

अजमेर (भारत भूमि) – पर्यावरण संरक्षण और शहरी क्षेत्रों में कम जगह में सघन वन विकसित करने की दिशा में राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज ने एक अनूठी पहल करते हुए ‘अपना संस्थान’ के सहयोग से जिग-जैग (Zig-Zag) पद्धति से पौधरोपण अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने किया। इस अभिनव प्रयोग के तहत महाविद्यालय परिसर में मात्र 250 फीट लंबी और 6 फीट चौड़ी पट्टी पर डेढ़-डेढ़ फीट की दूरी पर करीब 500 फलदार, छायादार और फूलदार पौधे उगाए जाएंगे, जो आने वाले समय में शहरी भूमि पर मिनी फॉरेस्ट विकसित करने में सहायक सिद्ध होंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा पर्यावरण संरक्षण को लेकर बेहद गंभीर हैं, लेकिन आज के समय में केवल पौधे लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि नई तकनीकों के माध्यम से उनका संरक्षण करना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से इस अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवाओं को आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे वेदों, शास्त्रों और जीवन पद्धति में प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और भारत ने हमेशा विश्व को प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने का संदेश दिया है। उन्होंने वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन को देखते हुए वृक्षों के संरक्षण को अत्यंत आवश्यक बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए, क्योंकि यही सच्ची देशभक्ति है। इस अभियान की तकनीकी विशेषताओं की बात करें तो इसमें जैव विविधता बनाए रखने के लिए करीब 35 प्रकार की प्रजातियों के पौधे शामिल किए गए हैं और विशेष ध्यान रखा गया है कि एक जैसी प्रजाति के पौधे पास-पास न लगाए जाएं ताकि परिसर अधिक प्राकृतिक और संतुलित दिखाई दे, साथ ही पौधों की नियमित सिंचाई के लिए पट्टी के दोनों ओर छोड़े गए एक फीट स्थान में विशेष पाइपलाइन बिछाई गई है जिससे सभी पौधों तक समान रूप से जल पहुंच सके। इस संपूर्ण कार्य में विनोद मेलाना का विशेष मार्गदर्शन रहा और संस्थान की ओर से पर्यावरण प्रभारी श्री सुरेश खींची व श्रीमती मीना चौधरी के नेतृत्व में टीम द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया गया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विज्ञान भारती राजस्थान के क्षेत्र संरक्षक श्री पुरुषोत्तम परांजपे ने की, औपचारिक धन्यवाद प्राचार्य श्री गोविन्द नारायण पारीक ने ज्ञापित किया और कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रियंका पाठक द्वारा किया गया।

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