अजमेर (भारत भूमि)– आधुनिक नाट्य कला संस्थान द्वारा आयोजित 15 दिवसीय बाल एवं युवा नाट्य प्रशिक्षण शिविर के समापन के अवसर पर मंगलवार की शाम सूचना केन्द्र के सभागार में नाटक सिन्दूर का मंचन किया गया। जिसमें कलाकारों ने सशक्त अभिनय कर दर्शकों का मन मोह लिया। वरिष्ठ रंगकर्मी लाखन सिंह के लेखन व निर्देशन में मंचित हुए इस नाटक में पाकिस्तान की 1948 से लेकर पहलगाम तक की नापाक हरकतों पर भारत द्वारा दिए गए मुंहतोड़ जवाब को बखूबी दिखाया गया। संवादों के माध्यम से बताया गया कि जब तक आतंकवाद समाप्त नहीं होगा और पी.ओ.के. पर बात नहीं होगी तब तक पानी की एक-एक बूंद को पाकिस्तान तरसेगा। छोड़ो कल की बातें कल की बात पुरानी सुन लो पाकिस्तानी हम है हिन्दुस्तानी, पुलवामा और पहलगाम घटना का नासूर भुला सकते नहीं, हम अपनी आजादी को हरगिज भुला सकते नहीं… जैसे गीतों पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाई और देशभक्ति के नारे लगाए।
समारोह में वरिष्ठ रंग कमी लाखन सिंह ने पीड़ा का इजहार करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा नाट्य कला को प्रोत्साहन देने के लिए किसी भी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है । उन्होंने कहा कि अजमेर में नाटक के पूर्व अभ्यास करने के लिए कोई भी स्थान उपलब्ध नहीं है जिससे धीरे-धीरे यह कला विलुप्त होती जा रही है।
लाखन सिंह ने कहा कि आजकल रंगमंच रंग कर्मियों के लिए नहीं अन्य समारोह के लिए उपलब्ध कराया जाता है रंग कर्मियों को अपनी कला का प्रदर्शन करना भी महंगा हो गया है। भाजपा शहर अध्यक्ष रमेश सोनी, उपमहापौर नीरज जैन, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेन्द्रसिंह रलावता, कंवलप्रकाश किशनानी, पार्षद गजेन्द्रसिंह रलावता ने विचार व्यक्त करते हुए कलाकारों की हौसला अफजाई की। उन्होंने कहा कि रंगमंच केवल कला नहीं, यह जीवन जीने के तरीके के साथ संवेदनशील और मानवीय मूल्यों को उजागर करता है।
इस अवसर पर भाजपा शहर उपाध्यक्ष सतीश बंसल, कांग्रेस नेता शिव बंसल, सोमरत्न आर्य, अनिल भारद्वाज, योगेश सब्बरवाल, अनंत भटनागर, योगेश शर्मा, विष्णु अवतार भार्गव प्रियंका चौधरी आदि उपस्थित थे। समारोह के प्रारंभ में नगर निगम अजमेर के उपमहापौर नीरज जैन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्र सिंह रलावता शिव बंसल एवं पार्षद गजेंद्र सिंह रलावता कवंल प्रकाश एवं अतिथियों ने भगवान श्री नटराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर माल्यार्पण किया। संगीत हेमन्त शर्मा ने दिया। संस्था अध्यक्ष डॉ. हरबंस सिंह दुआ ने आभार व्यक्त किया। संचालन नरेन्द्र भारद्वाज ने किया।
