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अजमेर के JLN मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा जगत का ऐतिहासिक कीर्तिमान: दुनिया के 43वें और राजस्थान के पहले दुर्लभ ‘गैस्ट्रोडुओडेनल इंटुससेप्शन’ केस का सफल ऑपरेशन

भारत भूमि (सम्पादक – प्रदीप टिक्यानी) अजमेर : राजस्थान के चिकित्सा इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है जहाँ अजमेर स्थित जवाहरलाल नेहरू (JLN) मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने एक अत्यंत दुर्लभ बीमारी ‘गैस्ट्रोडुओडेनल इंटुससेप्शन’ की सफल सर्जरी कर न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। यह मामला दुनिया का 43वाँ और राजस्थान का संभवतः पहला केस माना जा रहा है, जिसमें पाली जिले की एक 59 वर्षीय महिला जो पिछले एक साल से पेट दर्द, उल्टी और गिरते वजन से जूझ रही थी, उसे नया जीवन मिला है। वरिष्ठ गैस्ट्रो-लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अनिल के. शर्मा के नेतृत्व में जब मरीज की एंडोस्कोपी और CT स्कैन के बाद डायग्नोस्टिक लैप्रोस्कोपी की गई, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए क्योंकि आमाशय (Stomach) का एक हिस्सा खिसककर छोटी आंत (Duodenum) में फँसा हुआ था। चिकित्सा विज्ञान में यह स्थिति इतनी दुर्लभ है कि पिछले 20 वर्षों में दुनिया भर में इसके मात्र 42 मामले ही दर्ज हुए हैं। डॉ. अनिल के. शर्मा, डॉ. नवीन, डॉ. नमन, डॉ. विपिन दीप और डॉ. अरविंद खरे की एनेस्थीसिया टीम के कुशल समन्वय से यह जटिल ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। विशेष बात यह है कि निजी अस्पतालों में लाखों के खर्च वाली यह सर्जरी यहाँ पूर्णतः निःशुल्क की गई, जिससे JLN मेडिकल कॉलेज अब एडवांस गैस्ट्रो और कैंसर सर्जरी के बड़े केंद्र के रूप में उभरा है। संस्थान के प्रिंसिपल डॉ. अनिल समरिया और अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने इस उपलब्धि को चिकित्सा जगत का ऐतिहासिक कीर्तिमान बताया है, जिसे अब अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल्स में प्रकाशन के लिए भेजा जा रहा है।

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