
नसीराबाद (योगेन्द्र बुलचन्दानी) सिन्धी मोहल्ला स्थित प्रेम प्रकाश आश्रम में चल रहे वार्षिकोत्सव के चौथे दिन मंगलवार को अमरपुर स्थान जयपुर से पधारे सतगुरु स्वामी भगत प्रकाश महाराज व संत मण्डली का संपूर्ण समाज द्वारा ढोल शहनाइयों के साथ स्वागत किया गया। आश्रम पर चल रहे हवन की पूर्णाहुति हुई तत्पश्चात् आश्रम के शिखर पर धर्म ध्वज़ा लहराई गई व साईं टेऊँराम की धूनी पर सभी प्रेमी झूम उठे एवं संतों व गुरु महाराज द्वारा सत्संग व प्रवचन हुए जिसमें सत्गुरू महाराज द्वारा बताया गया कि इस जगत में कोई भी जिव एसा नहीं जिसके अंदर प्रभु परमात्मा की ज्योत नहीं है।जो स्वास इस शरीर ने चल रहे है उसी के द्वारा ही भगवान की शक्ति पूरे शरीर में प्रवाहित होती है इन स्वासो को हम सदा संसार के कार्यों में खर्च करते है पर गुरुदेव हमे समझाते है कि ये स्वासे सिर्फ़ जगत के भोग भोगने के लिए नहीं मिली भगवान एवं गुरुदेव के नाम को जपने के लिए मिली है इन अमोलक स्वासो को बेफ़िज़ुल की बतो से हटा कर गुरुदेव की शरण जाकर नाम जाप से भगवान को पाकर मुक्ति पाये शाम को पधारे संतों महात्माओं के प्रवचन हुए एवं सेवा मण्डली द्वारा दुशाला एवं पुष्प मलाओ से संत मण्डली व एवं स्वामी का स्वागत हुआ सत्संग प्रवचन के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम में बाल मण्डली द्वारा स्वामी के जीवन पर सुंदर नाटक का मंचन हुआ सेवा मंडली द्वारा बताया गया कि बुधवार को प्रातः 8 बजे मंदिर में विराजमान भगवान व गुरु महाराज के विग्रहों का पूजन किया जाएगा 9 बजे से प्रभु प्रार्थना व संतों का सत्संग शुरू होगा एवं वार्षिकोत्सव के उपलब्ध में रखे पाठो का भोग व अंत में गुरु महाराज द्वारा प्रवचन व पल्लव अरदास कर वार्षिकोत्सव की समाप्ति होगी
