“परमात्मा को न भूलें, भगवद् नाम जपें”

नसीराबाद (योगेन्द्र बुलचन्दानी) सिन्धी मोहल्ला स्थित प्रेम प्रकाश आश्रम में चल रहे वार्षिकोत्सव के पाँचवे दिन बुधवार को प्रातः 8 बजे मंदिर में विराजमान भगवान लक्ष्मीनारायण, भगवान भोलेनाथ, सतगुरु टेऊँराम महाराज व विर्जमान गुरुदेवों की प्रतिमाओं का पूजन स्वामी द्वारा हुआ एवं नवीन वस्त्र अलंकार व शृंगार किया गया तत्पश्चात प्रभु प्रार्थना से सत्संग सभा की शुरुआत हुई सभी संतों महात्माओं के सत्संग के पश्चात स्वामी द्वारा प्रवचन हुए जिसने स्वामी ने बताया कि “नर तन सम नहिं कबनेउ देही। जीव चराचर जांचत जेही” जिसके आदेश पर सूरज वायु और पंचों तत्व चल रहे वो प्रभु परमात्मा की शक्ति है इंसान सोचता है कि सब वो ही कर रहा है पर इस पाँच तत्व की देही में परम तत्त्व परमात्मा का अंश है सब करने वाला वह प्रभु परमात्मा है। उस प्रभु परमात्मा ने हमे इंसान की योनि दी उसका कदर ना करके हमने सारे स्वास व्यर्थ में गवाये उसी कारण संत गुरु इस जगत में उस प्रभु परमात्मा के दी हुई मनुष्य देही का मूल्य बता कर उस प्रभु परमात्मा से जोड़ते है व हमारे कष्टों का अंत करते है।। प्रवचन के पश्चात वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में रखे मद भगवत् गीता व प्रेम प्रकाश ग्रंथ साहिब के पाठो का भोग हुआ तत्पश्चात् स्वामी द्वारा पल्लव अरदास कर उत्सव की समाप्ती हुई। स्वामी टेऊँराम के धूनी पर सारी संगत नाचने व झूमने लगे आम भण्डारे के साथ कार्यक्रम समाप्त हुए।
