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चारभुजा नाथजी का अद्भुत इतिहास , लायंस पदाधिकारियों ने लिया दर्शन लाभ

(भारत भूमि) राजस्थान के मेवाड़ अंचल में प्रमुख चार धामों में से एक प्रसिद्ध मंदिर हैं गड़बोर राजसमंद में श्री चारभुजानाथजी का मंदिर । पांडवों के हाथों स्थापित 5 हजार से ज्यादा पुराना यह मंदिर गोमती नदी के किनारे बना यह मंदिर वास्तुकला से परिपूर्ण है । पुराने समय में इस क्षेत्र का नाम बद्री था । जो बद्रीनाथ धाम से मेल खाता था । पौराणिक कथा के अनुसार श्री कृष्ण भगवान ने उद्धव को हिमालय में जाकर तपस्या करने की कहा। तो सभी ने कहा कि इनके जाने से सभी दुखी होंगे और उन्हें न पाकर निराश होंगे । तब श्री कृष्ण भगवान ने दो मूर्तियां पांडव को देकर कहा कि इन्हें आप स्थापित कर इनकी नियमित श्रद्धा भक्ति के साथ पूजा करे कि मैं इनमें हूं और ये मेरे में है । इस प्रकार पांडवों ने एक मूर्ति को गड़बोर में चारभुजा नाथ काम स्थापित किया कि पृथ्वी की चार भुजाओ में ध्यान रखेंगे । इनकी पूजा अर्चना करने से मनुष्यों का कल्याण होगा और दुःख एवं कष्ट दूर होंगे । तभी से इस मंदिर में मनमोहक, पौराणिक, चमत्कारिक मूर्ति स्थापित है । राजपूत शासक गंगादेव ने इस मंदिर को भव्य रूप दिया । आज भी मंदिर में दूरदराज से श्रद्धालु दर्शन करने आते है एवं अपनी मनोकामना पूर्ण करते हैं । झलझूलनी एकादशी पर यहां भव्य मेला भरता है । जिसमें देश के विभिन्न भागों ग्रामीण अंचल, आसपास के भक्त आते है । मेले में राजसी ठाठबाट से सवारी निकलती है । पूरे रास्ते गुलाल अबीर से उड़ाते जाते है । मूर्ति का रोजाना प्रातः काल अभिषेक होता है । जिसके लिए चांदी की घड़ों में पास में स्थित कुओं से पानी लाया जाता है । पानी सिर्फ महिलाएं लाती है , उनके साथ पुलिस चलती है जो रास्ता बनाते हुए चलती है ताकि कोई स्पर्श नहीं कर सके । चारभुजा नाथ जी मंदिर में नित्य नए परिधान पहनाते है एवं नया श्रृंगार करते है । जो श्रृंगार एक बार हो जाता है वह पुनः नहीं होता । नया ही श्रृंगार होता है । मंदिर के गर्भ ग्रह में किसी प्रकार की कृत्रिम रोशनी नहीं की जाती । सिर्फ एक दीपक जलता है । लेकिन चमत्कारिक मूर्ति से श्रद्धालु अलौकिक दर्शन कर लेते है । श्याम वर्ण की मूर्ति होने पर भी अंधेरे में स्पष्ट दिखाई देती है । अद्भुत श्रृंगार से मन को मोह लेती है।
लायंस क्लब प्रांत 3233 ई 2 द्वारा चारभुजानाथ में कैबिनेट मीटिंग रखी गई थी । सभी पदाधिकारियों ने दर्शन कर लाभ प्राप्त किया। पूर्व इंटरनेशनल डायरेक्टर डॉ वी के लाडिया, प्रांतपाल श्यामसुंदर मंत्री, उपप्रांतपाल निशांत जैन, पूर्वप्रांतपाल ओ एल दवे, दिलीप तोषनीवाल, श्यामसुंदर सैनी, राजेंद्र गांधी, सुषमा आहूजा, राकेश पगारिया, अशोक मालपानी सहित अनेक पदाधिकारियों ने दर्शन लाभ लिया । पुजारी जी ने सभी माला पहना कर स्वागत कर प्रसाद भेंट किया ।

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