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प्रेम प्रकाश आश्रम में सद्गुरु महिमा का बखान: नाम जप से जीवन के आवागमन से मिलेगी मुक्ति

भारत भूमि (सम्पादक – प्रदीप टिक्यानी) अजमेर : प्रेम प्रकाश आश्रम में आयोजित सत्संग के दौरान वरिष्ठ संत स्वामी ब्रह्मानंद शास्त्री ने अपने प्रवचनों और भजनों के माध्यम से सद्गुरु और नाम जप के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘गुरु बिना भी क्या जीना’ भजन गाकर सभी को बताया कि गुरु और उनके बताए हुए नाम का स्मरण करना मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। सत्संग में स्वामी ब्रह्मानंद शास्त्री, स्वामी रामप्रकाश महाराज और स्वामी जस महाराज सहित अन्य संतों ने मिलकर ‘सतनाम साखी’ का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि यह मूल मंत्र प्रेम प्रकाश मंडल के संस्थापक स्वामी टेऊँराम महाराज द्वारा दिया गया है। इस मंत्र के जाप से चौरासी लाख योनियों के आवागमन से मुक्ति मिलती है। उन्होंने ‘श्री राम जय राम जय जय राम’ भजन भी गाया।

स्वामी ब्रह्मानंद शास्त्री ने कहा कि मन की शांति और मोक्ष के मार्ग पर चलने के लिए गुरु द्वारा दिए गए नाम का जाप निरंतर करते रहना चाहिए। उन्होंने संगत को समझाया कि उठते-बैठते नाम का जाप करने से मानव जीवन को आवागमन से मुक्ति मिल जाती है। इस अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत अजमेर के महासचिव रमेश लालवानी भी उपस्थित थे। स्वामी जस महाराज ने बताया कि स्वामी रामप्रकाश महाराज और उन्होंने स्वामी ब्रह्मानंद शास्त्री का सहयोग किया और ‘जिंदगी में ऐसा समय निकालो प्रेम कर लो राम से’ का संदेश दिया। सत्संग का समापन सद्गुरु स्वामी टेऊँराम, संत स्वामी शांति प्रकाश महाराज और संत स्वामी सर्वानंद महाराज के उपदेशों के स्मरण के साथ हुआ। संतों ने बताया कि ‘सोहम’ का जाप और ‘मैं भी परमात्मा हूँ’ का निरंतर स्मरण ही आत्म-कल्याण का सच्चा मार्ग है।

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