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रेलवे कर्मचारियों ने भरी हुंकार: 8वां वेतन आयोग लागू करने और पुरानी पेंशन बहाली की बुलंद की मांग

भारत भूमि (अजमेर) : इन्टेक दिवस के गौरवशाली अवसर पर उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ (UPRMS) द्वारा आयोजित एक विशाल वाहन रैली ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर नया जोश भर दिया है। मजदूरों को पूर्ण सम्मान देने के उद्देश्य से निकाली गई इस रैली में यूनियन के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार के समक्ष अपनी लंबित मांगों को पुरजोर तरीके से रखा। रैली को संबोधित करते हुए UPRMS के जोनल अध्यक्ष और मंडल मंत्री एस.आई. जैकब ने सभी रेलकर्मियों को इन्टेक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि दिन-रात कठिन परिश्रम कर देश की लाइफलाइन चलाने वाले कर्मचारियों को उनका वास्तविक हक नहीं मिल रहा है। उन्होंने वर्तमान न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये को नाकाफी बताते हुए कहा कि महंगाई के इस दौर में इतने कम वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना नामुमकिन है, इसलिए सरकार को अविलंब आठवें वेतन आयोग का गठन कर उसे लागू करना चाहिए। संगठन की ओर से रेलवे के सुचारू संचालन और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। मंडल अध्यक्ष जुबेर अहमद ने बताया कि भारतीय रेलवे में 13 लाख से अधिक कर्मचारी 24 घंटे निरंतर सेवाएं देते हैं, जिससे उन पर काम का अत्यधिक मानसिक और शारीरिक दबाव बना रहता है। इस तनाव को कम करने के लिए उन्होंने सरकार से रेलवे में खाली पड़े हजारों पदों पर तत्काल स्थायी नियुक्तियां करने की मांग की। संघ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि रविवार, त्योहार और रात-दिन की परवाह किए बिना सेवा करने वाले रेलकर्मियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना अनिवार्य है। इसके साथ ही, रेलवे में बढ़ते निजीकरण के कदमों को पूरी तरह रोकने की मांग करते हुए पदाधिकारियों ने एकजुटता का परिचय दिया। इस अवसर पर अनीश वाजपई, दीपक उपाध्याय, प्रहलाद धाकड़ और विनय कुमार सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में मजदूर हितों की रक्षा का संकल्प लिया।

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