उपजिला मजिस्ट्रेट ने परिवादी के पुत्र के ख़िलाफ़ 6हजार रुपए मासिक भरण _पोषण राशी माता पिता को देने के आदेश किए जारी
नसीराबाद( योगेन्द्र बुलचन्दानी ) अदालत ने वृद्ध माता पिता के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाने वाले पुत्र के विरुद्ध निर्णय करते हुए उसे परिवादी वृद्ध माता पिता को हर माह 6हजार रुपए भरण_पोषण राशि के रूप में अदा करने के आदेश जारी किए।प्रकरण के तथ्यों के मुताबिक,स्थानीय तेली कुम्हार मोहल्ला निवासी परिवादी श्याम लाल प्रजापत व उसकी पत्नी सीता देवी ने अपने अधिवक्ता हेमंत कुमार प्रजापति के जरिए नसीराबाद उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण कल्याण अधिनियम के अंतर्गत एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर बताया था कि उनके दो पुत्र मनोज और सर्वेश प्रजापति हैं जिन्हें उन्होंने अपनी खून पसीने की कमाई से पढ़ा लिखा कर काबिल बनाया और दोनों की शादी भी की , किन्तु शादी के बाद दोनों ही पुत्र वृद्ध माता पिता को छोड़कर बाहर कमाने चले गए और उनके भरण पोषण की जिम्मेदारी नहीं निभाने से मुकर गए,जिसपर जीवकोपार्जन के लिए परिवादी श्यामलाल को बुढ़ापे मे पान की छोटी सी दुकान चला कर अपना व अपनी पत्नी सीता देवी का भरण पोषण करने हेतु विवश होना पड़ा, वही श्याम लाल के छोटे पुत्र सर्वेश ने वर्ष 2021 में17सौ रुपए मासिक भरण पोषण राशि माता-पिता को देने का इकरारनामा सिटी थाना नसीराबाद में करने के बावजूद भी भरण पोषण राशि अपने वृद्ध माता पिता को नहीं दी बल्कि श्याम लाल की बेटी की शादी के समय दोनों पुत्रों ने डरा_धमका कर मकान दुकान के कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए और दोनों वृद्ध माता पिता को प्रताड़ित करना शुरु कर दिया। जिससे परेशान होकर पीड़ित माता पिता ने बड़े पुत्र मनोज कुमार जो कि महाराष्ट्र में एचपीसीएल कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत और लाखों रुपए मासिक वेतन प्राप्त कर रहा है उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जिस के तहत न्यायालय ने बड़े पुत्र को नोटिस भेज कर न्यायालय में तलब किया जहां पर परिवादी श्याम लाल के पुत्र द्वारा पीड़ित माता-पिता द्वारा लगाए गए आरोपो का खंडन किया और मामले को लंबित करने के लिये अलग अलग प्रार्थना पत्र लगा कर भरण पोषण राशि अदा नही करने का प्रयास करता रहा।जिस पर पीड़ित माता पिता के अधिवक्ता हेमन्त प्रजापति द्वारा अंतरिम भरण पोषण दिलाए जाने का न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया,जिस पर न्यायालय ने 12 जून 2024 को प्रकरण लंबित रहने तक 5 हजार रुपये अंतरिम भरण पोषण राशि वृद्ध माता पिता को अदा करने के आदेश जारी किये इस पर अंतरिम भरण पोषण आदेश के खिलाफ पुत्र मनोज कुमार ने अजमेर जिला कलेक्टर के समक्ष अपील प्रस्तुत की जिसे जिला कलेक्टर द्वारा दोनों पक्षों को सुनकर अपील खारिज कर अंतरिम आदेश यथावत रखें गए। इसके बाद न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनवाई का पूर्ण अवसर देते हुए दोनों पक्षों की सुनवाई कर वृद्ध माता पिता को 6 हजार रुपए मासिक भरण पोषण राशि अदा करने के आदेश उपजिला मजिस्ट्रेट देवी लाल यादव द्वारा जारी किए गए।जिस पर पीड़ित वृद्ध माता पिता को राहत मिली और उन्होंने न्याय प्रदान करने पर न्यायालय का धन्यवाद ज्ञापित किया।
