मुख्य अतिथि राज्यपाल हरिभाऊ बागडे बोले— सहकारिता लाभ कमाने के लिए नहीं, बल्कि पशुपालकों को समृद्ध बनाने का माध्यम है
भारत भूमि (सम्पादक – प्रदीप टिक्यानी) अजमेर : अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की 34वीं वार्षिक आमसभा एवं खुले अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सहकारिता का मूल उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि किसानों और पशुपालकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाना है। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. वर्गीस कुरियन ने सहकारिता आंदोलन को नई दिशा दी, जो आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। राज्यपाल ने कहा कि अजमेर डेयरी को चाहिए कि दुग्ध भुगतान में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि वित्तीय प्रबंधन में भारतीय महिलाएं दक्ष होती हैं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष पशुपालकों को औसत 64.40 रुपये प्रति लीटर की दर से भुगतान किया जाएगा, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी। श्री बागडे ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है, परंतु प्रति व्यक्ति खपत कम है, इसलिए पशुपालकों को पहले अपने बच्चों को दूध पिलाने की संस्कृति अपनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देशी गायों का दूध अधिक पौष्टिक और रोग प्रतिरोधक होता है, अतः इन्हें बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर अजमेर डेयरी के अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी ने बताया कि आमसभा में 1400 करोड़ के बजट सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए और आगामी 21 नवंबर से दूध की खरीदी बढ़ी हुई दर पर की जाएगी। उन्होंने सरकार से मिड डे मील योजना, मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना और फसल बीमा की बकाया राशि समय पर जारी करने की मांग की। कॉपरेटिव बैंक अध्यक्ष श्री मदन गोपाल चौधरी ने कहा कि दीपावली पर पशुपालकों के खातों में बकाया राशि पहुंचने से उन्हें आर्थिक राहत मिली है और अजमेर डेयरी अब पूर्णतः ऋणमुक्त हो चुकी है।
