Logo
ब्रेकिंग
युगपुरुष सतगुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज का 140 वॉ चालिहा उत्सव 9 जून से पेट्रोल डीजल रसोई गैस की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी, मंहगाई बेरोजगारी, बिजली पानी की किल्लत व पेपर ल... अजमेर में 'विलक्षण प्रतिभा सम्मान समारोह' का भव्य आयोजन; केंद्रीय मंत्रियों और विधायक अनिता भदेल ने ... जल संरक्षण और पर्यावरण चेतना का अनूठा संगम: वंदे गंगा जल संरक्षण एवं जन अभियान के तहत टीटी कॉलेज में... महेश शिक्षण संस्थान ट्रस्ट बोर्ड एवं एम. पी. एस. प्रबन्धकारिणी समिति के चुनाव सम्पन्न नसीराबाद में ईदुल जुहा का पर्व हर्षोल्लास पूर्वक परम्परा गत तरीके से मिल जुल कर मनाया गया समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की तारीख बढ़ाने और पूरा पंजीकरण माल खरीदने की मांग, पूर्व आरटीडीसी अध्यक्... आई सी ए की सेन्ट्रल इण्डिया रीजनल काउंसिल के दीक्षांत समारोह जयपुर में निकिता शर्मा को कैबिनेट मंत्र... राजस्थान पेंशनर्स समाज उप शाखा नसीराबाद सोमवार को सौंपेगी उपखंड अधिकारी को ज्ञापन अजमेर को आईटी और उद्योग का बड़ा हब बनाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने दिए आधुनिक सुविधाएं विकस...

युगपुरुष सतगुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज का 140 वॉ चालिहा उत्सव 9 जून से

 

नसीराबाद (योगेन्द्र बुलचन्दानी ) नगर के सिन्धी मोहल्ला स्थित प्रेम प्रकाश आश्रम, में प्रेम प्रकाश मण्डल के आचार्य युगपुरुष श्री सतगुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज का पावन 140 वॉ चालीहा उत्सव 9 जून मंगलवार से शुरू होगा महोत्सव में प्रेम प्रकाश आश्रम में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे जैसे भजन, सत्संग समागम, और सेवा कार्यों का आयोजन होगा। भक्त गण अपनी मनोकामना पूर्ण करने हेतु चालीस दिवसीय इस उत्सव में अखंड व्रत व अनुष्ठान करते हैं एवं आश्रम में भजन सत्संग का आयोजन करते हैं। एवं भक्त गण अपने घरों में सतगुरु टेऊँराम चालीसा का पाठ भी करवाते है। चालिहा व्रत अनुष्ठान का सर्व प्रथम आचरण आचार्य श्री की माता कृष्णा देवी जी ने लग़बग़ 140 वर्ष पूर्व किया था जिसमें उन्होंने 40 दिन के व्रत और भगवान की अटूट भक्ति की थी। उनकी भक्ति के प्रताप से 41 वे दिन भगवान शंकर ने उन्हें स्वप्न में दर्शन देकर कृतार्थ किया। इस कठिन तपस्या का फल उन्हें आचार्य श्री जैसे बालक के रूप में हुआ। वही प्रथा चालिहा उत्सव के रूप में आजतक चली आ रही है। आचार्य श्री ने अपने संपूर्ण जीवन में परोपकार,सत्कर्म,और सेवा के कार्य किए। सिंध (अभी के पाकिस्तान) में उन्होंने रेत के टीले के ऊपर अपना स्थान श्री अमरापुर स्थान बनाकर सभी जीवों का कल्याण किया। वही प्रथा अभी प्रेम प्रकाश मण्डल के मुख्य स्थान श्री अमरपुर स्थान, जयपुर व देश विदेश में स्थित प्रेम प्रकाश आश्रमों में चलती आ रही है । 9 जून को संत श्री शंभुलाल जी (ब्यावर) के सानिध्य में महोत्सव की शुरुआत होगी जिसमे प्रेम प्रकाश ग्रंथ साहिब व श्री मद भगवत गीता के चालीस दिवसीय पाठो का आरम्भ होगा एवं चालीस दिवसीय अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी। इस महोत्सव के चलते प्रेम प्रकाश मंडल के वर्तमान पीठादीश्वर पूज्य गुरुदेव सतगुरु स्वामी भगतप्रकाश जी महाराज का आगमन 18 जून (गुरुवार) को होगा जिनके सत्संग प्रवचन का कार्यक्रम आश्रम पर आयोजित होगा। एवं इस चालिहा उत्सव का समापन आचार्य श्री के 140 वे जन्मोत्सव पर 19 जुलाई पर होगा। जिनमे पंच दिवसीय कार्यक्रम आयोजित होंगे एवं बड़े धूम धाम से संतों के सानिध्य में मनाया जायेगा।

उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा।