Logo
ब्रेकिंग
रोटरी क्लब और भामा शाहों के संयुक्त सहयोग से रोडवेज बस स्टैंड के जीर्णोद्धार के बाद किया लोकार्पण पार्किंग स्थल पर वाहन खड़ा नहीं करने वालों के खिलाफ छावनी परिषद और यातायात पुलिस की संयुक्त कार्यवाह... छावनी परिषद प्रशासन ने शुरू किया नो पार्किंग एरिए में अवैध रूप से खड़े वाहनों के विरुद्ध मुहिम पर्यटन नगरी के रूप में उभर रहा अजमेर हर क्षेत्र में हुआ विकास-देवनानी, विधानसभा अध्यक्ष ने शनिवार को... विख्यात राजगढ़ भैरव धाम अजमेर के मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज का 61वाँ जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया सरदार वल्लभ भाई पटेल उद्यान में 21जून को मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस आचार्य सतगुरु टेऊँराम जी का 84वाँ वर्सी उत्सव श्रद्धा पूर्वक मनाया गया छावनी परिषद के सी ई ओ मोहम्मद साकिब आलम ने लिया विकास कार्यों का जायज़ा अजमेर उत्तर की सातों डिस्पेंसरियों में अब एक्स-रे सुविधा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दी सौग... विजय नगर में आयोजित होने वाले विप्र महा कुंभ को लेकर नसीराबाद क्षेत्र के ब्राह्मणों की बड़ी सभा आयोज...

अजमेर संभाग के 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को मिला दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण, मिलावट पर सख्ती के निर्देश

भारत भूमि (सम्पादक – प्रदीप टिक्यानी) अजमेर : प्रदेश में आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने तथा खाद्य मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषध नियंत्रक विभाग के आयुक्त के निर्देशानुसार अजमेर संभाग के जिलों अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, ब्यावर एवं डीडवाना-कुचामन के नवनियुक्त 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण संभागीय जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रयोगशाला प्रभारी एवं खाद्य विश्लेषक श्रीमती प्रियंका सोनी ने खाद्य नमूनों की जांच के मानक, रिपोर्टिंग प्रक्रिया तथा एफएसएसएआई मानकों के अनुसार सैंपल लेने की विधि की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नमूनीकरण के दिन अथवा अगले दिन ही नमूनों को प्रयोगशाला में जमा कराना आवश्यक है ताकि समय पर जांच हो सके, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की सभी खाद्य सुरक्षा प्रयोगशालाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित हैं। अधिकारियों को अमानक सैंपलों की श्रेणियों सबस्टैंडर्ड, अनसेफ, मिसब्रांड एवं एक्सट्रेनियस मैटर की जानकारी दी गई। प्रयोगशाला के डॉ. दिलीप सिंह राठौड़ ने सैंपल जमा प्रक्रिया, एनएबीएल मानकों के अनुसार जांच प्रणाली, क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम, इंटरनल व एक्सटर्नल क्वालिटी कंट्रोल की जानकारी देते हुए बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से मानव स्वास्थ्य गंभीर खतरे में पड़ता है, इसी कारण राज्य सरकार इस विषय में अत्यंत संवेदनशील है और मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रशिक्षण में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में मौके पर की जाने वाली जांच की जानकारी भी दी गई, वहीं उत्कर्ष कुमावत, आषुतोष टांक, प्रियंका पारिक, निशा वर्मा, सौम्या सोनी एवं विक्रम सिंह सहित तकनीकी स्टाफ द्वारा हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के जरिए खाद्य नमूनों में मिलावट की ऑन-स्पॉट जांच का अभ्यास कराया गया, ताकि फील्ड में अधिकारी प्राथमिक स्तर पर ही मिलावट का पता लगा सकें।

उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा।