Logo
ब्रेकिंग
रोटरी क्लब और भामा शाहों के संयुक्त सहयोग से रोडवेज बस स्टैंड के जीर्णोद्धार के बाद किया लोकार्पण पार्किंग स्थल पर वाहन खड़ा नहीं करने वालों के खिलाफ छावनी परिषद और यातायात पुलिस की संयुक्त कार्यवाह... छावनी परिषद प्रशासन ने शुरू किया नो पार्किंग एरिए में अवैध रूप से खड़े वाहनों के विरुद्ध मुहिम पर्यटन नगरी के रूप में उभर रहा अजमेर हर क्षेत्र में हुआ विकास-देवनानी, विधानसभा अध्यक्ष ने शनिवार को... विख्यात राजगढ़ भैरव धाम अजमेर के मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज का 61वाँ जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया सरदार वल्लभ भाई पटेल उद्यान में 21जून को मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस आचार्य सतगुरु टेऊँराम जी का 84वाँ वर्सी उत्सव श्रद्धा पूर्वक मनाया गया छावनी परिषद के सी ई ओ मोहम्मद साकिब आलम ने लिया विकास कार्यों का जायज़ा अजमेर उत्तर की सातों डिस्पेंसरियों में अब एक्स-रे सुविधा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दी सौग... विजय नगर में आयोजित होने वाले विप्र महा कुंभ को लेकर नसीराबाद क्षेत्र के ब्राह्मणों की बड़ी सभा आयोज...

प्रेम प्रकाश आश्रम में सद्गुरु महिमा का बखान: नाम जप से जीवन के आवागमन से मिलेगी मुक्ति

भारत भूमि (सम्पादक – प्रदीप टिक्यानी) अजमेर : प्रेम प्रकाश आश्रम में आयोजित सत्संग के दौरान वरिष्ठ संत स्वामी ब्रह्मानंद शास्त्री ने अपने प्रवचनों और भजनों के माध्यम से सद्गुरु और नाम जप के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘गुरु बिना भी क्या जीना’ भजन गाकर सभी को बताया कि गुरु और उनके बताए हुए नाम का स्मरण करना मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। सत्संग में स्वामी ब्रह्मानंद शास्त्री, स्वामी रामप्रकाश महाराज और स्वामी जस महाराज सहित अन्य संतों ने मिलकर ‘सतनाम साखी’ का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि यह मूल मंत्र प्रेम प्रकाश मंडल के संस्थापक स्वामी टेऊँराम महाराज द्वारा दिया गया है। इस मंत्र के जाप से चौरासी लाख योनियों के आवागमन से मुक्ति मिलती है। उन्होंने ‘श्री राम जय राम जय जय राम’ भजन भी गाया।

स्वामी ब्रह्मानंद शास्त्री ने कहा कि मन की शांति और मोक्ष के मार्ग पर चलने के लिए गुरु द्वारा दिए गए नाम का जाप निरंतर करते रहना चाहिए। उन्होंने संगत को समझाया कि उठते-बैठते नाम का जाप करने से मानव जीवन को आवागमन से मुक्ति मिल जाती है। इस अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत अजमेर के महासचिव रमेश लालवानी भी उपस्थित थे। स्वामी जस महाराज ने बताया कि स्वामी रामप्रकाश महाराज और उन्होंने स्वामी ब्रह्मानंद शास्त्री का सहयोग किया और ‘जिंदगी में ऐसा समय निकालो प्रेम कर लो राम से’ का संदेश दिया। सत्संग का समापन सद्गुरु स्वामी टेऊँराम, संत स्वामी शांति प्रकाश महाराज और संत स्वामी सर्वानंद महाराज के उपदेशों के स्मरण के साथ हुआ। संतों ने बताया कि ‘सोहम’ का जाप और ‘मैं भी परमात्मा हूँ’ का निरंतर स्मरण ही आत्म-कल्याण का सच्चा मार्ग है।

उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा।